जंतर मंतर प्रदर्शन LIVE: 20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, विपक्ष का समर्थन लगातार बढ़ा

लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता, शिक्षा सुधारक और नवाचार के लिए दुनिया भर में पहचाने जाने वाले सोनम वांगचुक अपने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 20वें दिन भी जंतर मंतर पर डटे हुए हैं। उनके आसपास जुटने वाली भीड़ कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। विपक्षी दलों के नेता, छात्र, किसान और आम नागरिक बड़ी संख्या में उनके समर्थन में पहुंच रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में बढ़ते असंतोष ने इस आंदोलन को एक नई दिशा दे दी है।

सोनम वांगचुक ने 28 जून को अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। इस आंदोलन की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, क्योंकि NEET पेपर लीक और विभिन्न परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य को गहरा नुकसान पहुंचाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे का सवाल नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में जवाबदेही तय करने की मांग है।

सोनम वांगचुक भूख हड़ताल Day 20 LIVE

सोनम वांगचुक कोई साधारण नाम नहीं हैं। उन्होंने लद्दाख की कठिन परिस्थितियों में शिक्षा के नए मॉडल विकसित किए, पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्षों तक संघर्ष किया और लद्दाख से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। आज 59 वर्ष की उम्र में वह लगातार 20 दिनों से केवल पानी के सहारे अनशन कर रहे हैं। उनकी सेहत लगातार गिर रही है। डॉक्टरों के अनुसार उनका लगभग 9 किलो वजन कम हो चुका है, ब्लड प्रेशर सामान्य से नीचे है, शुगर लेवल भी गिर रहा है और कई बार उन्हें चलने या बोलने में भी कमजोरी महसूस होती है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा है कि “बाहर से मैं कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं।” उन्होंने यह भी कहा है कि वह कम से कम 20 जुलाई तक अपना अनशन जारी रखेंगे, जिस दिन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ संसद मार्च का भी आह्वान किया गया है। समर्थकों से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा।”

इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसने अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों को एक मंच पर ला दिया है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा जंतर मंतर पहुंचे, उन्होंने सोनम वांगचुक की सेहत का हाल जाना और अपना समर्थन व्यक्त किया। शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता सुषमा अंधारे भी उनसे मिलने पहुंचीं। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की आलोचना की और आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चरुणी ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए इसे न्याय और शिक्षा सुधार की बड़ी लड़ाई बताया। इसके अलावा छात्र संगठन AISA, कई सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां भी लगातार समर्थन दे रही हैं। यह आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन हर दिन और अधिक मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को सोनम वांगचुक की नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत का यह कदम इस बात को दर्शाता है कि उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल ही में उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो भी उनसे मिलने पहुंचीं। यह भावुक पल कैमरों में कैद हुआ। कई समर्थकों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन उन्होंने कहा कि इस समय पीछे हटना उन सभी लोगों के साथ अन्याय होगा जो शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

आज देश का युवा पहले से कहीं अधिक दबाव में है। महंगे कोचिंग संस्थान, कठिन प्रतिस्पर्धा और बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। Cockroach Janta Party (CJP) की शुरुआत भले ही एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह जंतर मंतर पर एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। भीषण गर्मी के बावजूद रोज़ाना सैकड़ों लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांगों में NEP 2020 के कुछ प्रावधानों की समीक्षा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार, प्रभावित छात्रों को मुआवजा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। सोनम वांगचुक इस आंदोलन के साथ-साथ लद्दाख से जुड़े लंबित मुद्दों को भी लगातार उठा रहे हैं, जिन पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

जंतर मंतर का माहौल उम्मीद, चिंता और दृढ़ संकल्प का मिश्रण बन चुका है। कई लोग एक दिन का सांकेतिक उपवास रखकर आंदोलन के प्रति समर्थन जता रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर गीत गाए जा रहे हैं, लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और लगातार आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अभिजीत दिपके और उनकी टीम सभी समर्थकों का स्वागत करते हुए आंदोलन की दिशा और उद्देश्य को स्पष्ट बनाए हुए हैं। हालांकि अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे प्रदर्शनकारियों में निराशा भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि सरकार की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है।

भारत ने पहले भी कई ऐतिहासिक भूख हड़तालें देखी हैं। यह गांधीवादी विरोध का एक शक्तिशाली लेकिन बेहद जोखिम भरा तरीका माना जाता है। सोनम वांगचुक भी इस जोखिम को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें दोबारा भूख हड़ताल पर बैठना अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उनका यह संकल्प हर किसी को सोचने पर मजबूर करता है कि क्या व्यवस्था उनकी आवाज सुन रही है? क्या 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के बाद कोई सार्थक बातचीत शुरू होगी या फिर टकराव और बढ़ेगा?

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन भी जारी है। जंतर मंतर प्रदर्शन को विपक्ष, छात्रों और किसानों का समर्थन मिल रहा है। पढ़ें सभी LIVE अपडेट्स।

फिलहाल जंतर मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है। छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। यदि आप दिल्ली में हैं तो इस आंदोलन को नजदीक से देख सकते हैं, और यदि नहीं हैं तो इसकी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को मजबूत कर सकते हैं। लाखों छात्रों का भविष्य निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। सोनम वांगचुक का यह संघर्ष हमें याद दिलाता है कि कभी-कभी एक व्यक्ति की शांत लेकिन अडिग आवाज पूरे देश में बदलाव की उम्मीद जगा सकती है।

आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। सोनम वांगचुक की सेहत, संसद मार्च और आंदोलन को मिलने वाला समर्थन—इन सभी पर पूरे देश की नजर रहेगी। फिलहाल यह सिर्फ एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र से जुड़े भरोसे की लड़ाई बन चुका है।

स्रोत:

द हिंदू (लाइव अपडेट्स और ग्राउंड कवरेज)

बीबीसी न्यूज़ (स्वास्थ्य अपडेट और प्रदर्शन रिपोर्ट)

एनडीटीवी (जंतर मंतर प्रदर्शन कवरेज)

मिंट (लाइव अपडेट्स)

एशियानेट न्यूज़ (यूट्यूब लाइव कवरेज)

सीएनबीसी टीवी18 (यूट्यूब लाइव कवरेज)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी नेताओं के आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) बयान

दिल्ली हाई कोर्ट से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स और अदालती कार्यवाही

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