
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद थे। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान पवन कल्याण ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों का जिक्र किया।
उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ, खासकर उनकी दिवंगत माता को लेकर की गई व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां सुनीं, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए।
उन्होंने कहा, “जितना अधिक आप काम करते हैं, उतनी ही अधिक आलोचना का सामना करना पड़ता है… नई पीढ़ी क्या जानती है कि उन्होंने कितने संघर्ष किए हैं?”
पवन कल्याण ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शायद यह नहीं समझती कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए कितनी कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली। एक तरफ वे भारत की तेज़ी से बढ़ती ताकत से असहज देशों के दबाव का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर देश के भीतर भी कई चुनौतियों से लगातार लड़ रहे हैं। इसके बावजूद वे लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि “फल देने वाले पेड़ पर ही सबसे ज्यादा पत्थर फेंके जाते हैं।” यानी जो व्यक्ति जितना अधिक समाज और देश के लिए काम करता है, उसे उतनी ही अधिक आलोचनाओं और हमलों का सामना करना पड़ता है। पवन कल्याण ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्होंने खुद भी कई तरह के हमले झेले हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की अभद्र भाषा, खासकर युवाओं द्वारा इस्तेमाल किया जाना, उन्हें बेहद पीड़ादायक लगा।
इसके बाद उन्होंने अपनी बात को और व्यक्तिगत बनाते हुए कहा कि जब कोई प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलता है, तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे वह उन सभी के खिलाफ बोल रहा हो जो उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “हम आपके साथ मजबूती से खड़े हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में कोई भी नेता प्रधानमंत्री मोदी की बराबरी नहीं कर सकता और भविष्य में भी ऐसा कोई नेता नहीं आएगा। उनके अनुसार, देश का नेतृत्व करना भगवान श्रीराम के मिशन जैसा है और बाकी लोगों को यह सोचना चाहिए कि वे हनुमान की तरह उस मिशन में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं।
पवन कल्याण ने अपनी बात को भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भोगापुरम का मजाक उड़ाया जाता था और लोग कहते थे कि यहां तक लाल बस भी नहीं आती। लेकिन आज यहां एक आधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन चुका है। हजारों करोड़ रुपये का निवेश राज्य में आया है। उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गठबंधन सरकार के साथ मिलकर काम करने का परिणाम है। उत्तर आंध्र में हवाई अड्डों का विकास और बड़े निवेश इसी सहयोग की वजह से संभव हुआ है।
इसके बाद उन्होंने विशेष रूप से 25 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव सिखाएं। उन्होंने कहा कि केवल किताबों की शिक्षा पर्याप्त नहीं होती। जिन युवाओं ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, उन्हें सजा से ज्यादा सही मार्गदर्शन की जरूरत है।

पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री मोदी की इस बात के लिए भी सराहना की कि उन्होंने उन युवाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें माफ करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि यही एक महान नेता का वास्तविक चरित्र होता है। उन्होंने यहां तक कहा कि वे ऐसे प्रधानमंत्री के चरणों में नमन करते हैं, जो अपमान झेलने के बाद भी क्षमा करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि यह कोई तैयार किया गया राजनीतिक भाषण नहीं था, बल्कि उन भावनाओं की अभिव्यक्ति थी जो उन्होंने उस घटना के बाद महसूस कीं। कुछ लोग इसे गठबंधन की राजनीति कह सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को लगेगा कि उन्होंने दिल से अपनी बात कही। लेकिन भोगापुरम की उस दोपहर पवन कल्याण ने साफ कर दिया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने लोगों से एक सरल वादा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे जाएं, तो उन्हें ऐसा महसूस होना चाहिए जैसे वे शब्द उनके खिलाफ कहे गए हों। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े रहने का आग्रह किया, जो उनके अनुसार बिना रुके 140 करोड़ देशवासियों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर लगातार काम कर रहे हैं।
स्रोत:
एनडीटीवी, रिपब्लिक वर्ल्ड, आउटलुक इंडिया, गुल्टे और पीटीआई की 1–2 अगस्त 2026 की रिपोर्टें, जिनमें भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह और पवन कल्याण के संबोधन को कवर किया गया है।
@रोहित मनराल