
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित अपने ‘सार्वजनिक महाभियोग’ (Public Impeachment) कार्यक्रम को एक दिन के लिए टाल दिया है। शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास के लॉन में कीचड़ जमा हो गया, जिसके चलते कार्यक्रम की तैयारियां प्रभावित हुईं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार दोपहर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब यह कार्यक्रम शनिवार, 31 अक्टूबर को उसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा।
शुक्रवार को 10, राजाजी मार्ग स्थित खड़गे के आवास के बाहर विपक्षी नेताओं के साथ मौजूद राहुल गांधी ने कहा कि कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने आपसी सहमति से आज के कार्यक्रम को कल इसी समय आयोजित करने का फैसला किया है। बारिश की वजह से हमें लगा कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में बैठने में परेशानी होगी। इसलिए कल बिल्कुल उसी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।”
कार्यक्रम शनिवार को दोपहर करीब 2:30 से 3 बजे के बीच आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, गठबंधन की ओर से अंतिम समय की आधिकारिक पुष्टि के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कोई औपचारिक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष का एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध कार्यक्रम है। इसमें लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार के अध्यक्षता करने की संभावना है। मल्लिकार्जुन खड़गे CEC के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि राहुल गांधी समापन भाषण देंगे। INDIA गठबंधन में शामिल प्रत्येक दल की ओर से एक प्रतिनिधि भी अपनी बात रखेगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के जरिए मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध को सामने लाना है। विपक्ष इसे ‘वोट चोरी’ का मामला बता रहा है।
राहुल गांधी ने शनिवार के कार्यक्रम और रविवार को होने वाली बड़ी रैली को एक ही संघर्ष का हिस्सा बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये सभी लोकतंत्र को कमजोर करने में लगे हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “दोनों कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार तथा उनकी टीम द्वारा लोकतंत्र को खत्म किए जाने के खिलाफ हैं।”
उन्होंने संविधान की रक्षा करना चाहने वाले सभी लोगों से रविवार, 1 नवंबर को होने वाले ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल होने की अपील की। यह मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। यहां INDIA गठबंधन की एक बड़ी रैली प्रस्तावित है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कथित वोट चोरी को रोकने की मांग उठाई जाएगी।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी के लोगों और आम नागरिकों को रोका जा रहा है। आप देखिए कि रामलीला मैदान में क्या होता है, इससे आपको समझ आ जाएगा कि देश में क्या चल रहा है। लाखों लोगों के मताधिकार से वंचित किए जाने के कारण लोगों में भारी गुस्सा और पीड़ा है।”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम स्थगित होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार का कार्यक्रम टालना पड़ा है। उन्होंने इसे रविवार को होने वाले मार्च से भी जोड़ा।
खड़गे के आवास पर होगा कार्यक्रम, दूसरे स्थानों पर नहीं मिली अनुमति
इस कार्यक्रम के लिए खड़गे का आवास अंतिम विकल्प के रूप में चुना गया था। विपक्षी दलों ने पहले संविधान क्लब और तालकटोरा स्टेडियम सहित अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिल सकी।
इसके बाद गुरुवार को हुई INDIA गठबंधन की तैयारी बैठक में खड़गे के आधिकारिक आवास के लॉन को कार्यक्रम स्थल के रूप में तय किया गया। इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), CPI(M) और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
विपक्षी दलों ने दिखाई एकजुटता
शुक्रवार को मौजूद विपक्षी नेताओं ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि INDIA गठबंधन एक साथ खड़ा है और एक साथ जीत हासिल करेगा। समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने भी गठबंधन की एकता दोहराई।
सूत्रों के मुताबिक, सभी दलों ने तय किया है कि इस कार्यक्रम में कानूनी तकनीकी पहलुओं के बजाय राजनीतिक मुद्दों और आरोपों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही ऐसी किसी भी तस्वीर या प्रस्तुति से बचने का फैसला किया गया है, जिससे संसद जैसी संवैधानिक संस्था का मजाक उड़ता हुआ दिखाई दे।
SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष में टकराव
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंच सकता है।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए दावा किया है कि इस प्रक्रिया ने चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार लिए गए हैं।
कांग्रेस ने इसी सप्ताह दावा किया था कि उसे महाभियोग जैसे प्रतीकात्मक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और उसने चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।
बारिश बनी कार्यक्रम स्थगित होने की वजह
शुक्रवार को दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाएं करना मुश्किल हो गया। खड़गे के आवास के लॉन में कीचड़ जमा हो गया था। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के लिए कई घंटों तक खुले में बैठकर भाषण सुनना असुविधाजनक होता।
इसी वजह से कार्यक्रम को 24 घंटे के लिए टालने का फैसला लिया गया। हालांकि, विपक्ष ने अपने पूरे सप्ताहांत के कार्यक्रम की रूपरेखा में कोई बदलाव नहीं किया है। अब शनिवार को प्रतीकात्मक सुनवाई होगी और उसके अगले दिन रविवार को रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
राहुल गांधी ने दोनों कार्यक्रमों को संविधान, भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए चलाए जा रहे एक ही आंदोलन का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि विपक
@रोहित मनराल