
मौसम विभाग अभी भी बंगाल की खाड़ी में मौजूद इस सिस्टम को Deep Depression (गहरा दबाव) बता रहा है। हालांकि, अगर यह और मजबूत होता है तो इसका नाम ‘अरनब’ (Arnab) रखा जाएगा। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है, जिसका बंगाली में अर्थ ‘समुद्र’ होता है। यह नाम सूची में अगला नाम है।
मंगलवार रात तक यह सिस्टम ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच समुद्र में तट से करीब 140-200 किलोमीटर दूर था। यह धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इसके बुधवार देर रात या गुरुवार सुबह विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कहीं तट को पार करने की संभावना है। यानी इसका असर आज रात से कल सुबह तक देखने को मिल सकता है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर सबसे ज्यादा असर
इस मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है।
ओडिशा में खासकर दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी, कालाहांडी और नबरंगपुर में बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर एक दिन में 15-20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश के कारण कुछ गांवों में पहले ही स्कूल बंद किए जा चुके हैं। खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति में बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। कुछ अन्य जिलों में भी 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। एहतियात के तौर पर चिलिका झील में फेरी सेवाएं भी रोक दी गई हैं। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए राहत शिविरों और अन्य तैयारियों को सक्रिय कर दिया है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी अलर्ट
आंध्र प्रदेश में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। कई जगहों पर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।
तेज हवाओं के साथ समुद्र में स्थिति खराब रहने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
तटीय इलाकों में सड़कें जलमग्न हो सकती हैं और कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे मौसम में सावधानी बरतना जरूरी है।
पश्चिम बंगाल में भी बारिश का असर
इस सिस्टम का असर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिलेगा। दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, 24 परगना के दोनों जिले और बीरभूम के कुछ हिस्सों में पहले से बारिश हो रही है और आने वाले समय में बारिश बढ़ सकती है।
इनमें से कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। बाद में उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
कोलकाता में फिलहाल बारिश और हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि स्थिति अभी ज्यादा गंभीर नहीं है, फिर भी मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
तेलंगाना और छत्तीसगढ़ तक पहुंच सकता है असर
तट पार करने के बाद जब यह सिस्टम अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ेगा, तो इसकी वजह से कुछ बारिश तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के हिस्सों तक पहुंच सकती है।
वहीं झारखंड में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि इन राज्यों में मुख्य असर नहीं होगा और यहां सिस्टम की बची हुई नमी के कारण मौसम प्रभावित हो सकता है।
अभी चक्रवात नहीं, Deep Depression है
फिलहाल भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह सिस्टम Deep Depression के रूप में ही तट की ओर बढ़ रहा है, चक्रवात के रूप में नहीं।
ओडिशा के मुख्य सचिव ने भी बताया है कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस बार यह सिस्टम चक्रवात में तब्दील नहीं होगा।
हालांकि, चक्रवात न बनने के बावजूद भारी बारिश और तेज हवाएं काफी परेशानी पैदा कर सकती हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने, पेड़ गिरने और फसलों को नुकसान होने की स्थिति बन सकती है।
अगर आप निचले इलाके, नदी के पास या किसी ऐसे गांव में रहते हैं जहां बाढ़ का खतरा रहता है, तो स्थानीय प्रशासन की सलाह को गंभीरता से लें। अगर अधिकारी सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहते हैं, तो समय रहते वहां चले जाएं। किसी भी तरह का जोखिम न लें।
फिलहाल बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि ऐसे मौसम सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव हो सकता है।
सुरक्षित रहें, सावधान रहें और आसपास के लोगों की भी मदद करें।
Sources:
India Meteorological Department (IMD) updates, 22 September 2026
Hindustan Times, News24, Oneindia और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स, IMD briefings के आधार पर, 22 September 2026
@रोहित मनराल