
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बेंगलुरु के ग्रामीण इलाके होसकोटे स्थित Zepto के एक वेयरहाउस में प्रवेश किया और वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। जगह-जगह जैविक कचरा पड़ा था। फेंके गए रैपर और खाली बोतलें फर्श पर बिखरी हुई थीं। कई जगह गंदगी जमा थी। खाली कार्डबोर्ड के डिब्बे भी इधर-उधर पड़े थे। पूरा परिसर उपेक्षित नजर आ रहा था। अधिकारियों ने वहां की स्थिति को “बेहद अस्वच्छ” (Extremely Unhygienic) बताया।
यह वेयरहाउस Zepto के लिए Nippon Express द्वारा संचालित किया जाता है। Zepto वह क्विक-कॉमर्स ऐप है, जिसके जरिए लोग कुछ ही मिनटों में किराने का सामान और स्नैक्स ऑर्डर करते हैं। यह निरीक्षण Food Safety Division और Food Safety and Drug Administration Department की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा था। अधिकारियों ने यह जांचने के लिए दौरा किया था कि खाद्य पदार्थों को किस तरह स्टोर, हैंडल और लेबल किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।

जांच में कई समस्याएं सामने आईं। इनमें नियमों के अनुरूप लेबलिंग न होना, मिसब्रांडिंग, अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थों को संभालना और निर्धारित मानकों के अनुरूप स्टोरेज न होना शामिल था। ये सभी Food Safety and Standards Act और FSSAI के नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माने जाते हैं।
अधिकारियों ने तुरंत वेयरहाउस को सील कर दिया। एक नोटिस भी जारी किया गया और सुविधा के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई। विभाग की ओर से साफ कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि लोगों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर भरोसा कायम रहे।
बाद में सामने आई तस्वीरों में खाद्य पदार्थों के पैकेट इधर-उधर रखे दिखाई दिए। सॉफ्ट ड्रिंक के कैन और दूध से जुड़े उत्पाद भी बिना किसी उचित व्यवस्था के रखे हुए नजर आए। इनके आसपास कचरा भी दिखाई दिया। यह पूरा दृश्य देखकर यह सवाल उठता है कि 10 मिनट में डिलीवरी देने वाले क्विक-कॉमर्स सिस्टम के पर्दे के पीछे आखिर खाद्य पदार्थों की देखभाल कितनी सावधानी से की जा रही है।
यह कार्रवाई केवल एक वेयरहाउस तक सीमित नहीं थी। उसी दिन अधिकारियों ने पूरे बेंगलुरु में Indira Canteen की रसोइयों की भी जांच की। Gottigere स्थित केंद्रीय रसोई को भी अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और स्टोरेज पाए जाने के बाद सील कर दिया गया। अन्य कैंटीनों को भी नोटिस जारी किए गए। दालों, हल्दी, तेल, गुड़, नमक, चीनी और पके हुए भोजन के सैंपल जांच के लिए लिए गए। यह पूरा अभियान कर्नाटक के Health and Family Welfare Minister UT Khader की निगरानी में चल रहा है।
इसके अलावा Bengaluru North City Corporation ने Thanisandra स्थित Zepto की जगह पर साफ-सफाई नहीं रखने के लिए ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया। यानी Zepto पर कार्रवाई केवल एक दिशा से नहीं, बल्कि कई स्तरों पर हो रही है।
Zepto की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों की टिप्पणियों और सुझावों को कंपनी ने नोट किया है और स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी की ओर से किसी बड़े विवाद के बजाय अधिकारियों की बात को स्वीकार करते हुए सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई।

बेंगलुरु में बड़ी संख्या में लोग Zepto जैसे ऐप के जरिए दूध, फल, स्नैक्स और पैकेज्ड फूड ऑर्डर करते हैं। आमतौर पर ग्राहक ऑर्डर करते समय यह नहीं सोचता कि सामान उसके घर तक पहुंचने से पहले किन परिस्थितियों में रखा गया था। आप ऐप पर कुछ टैप करते हैं और कुछ ही समय बाद सामान आपके दरवाजे पर पहुंच जाता है। लेकिन जिस वेयरहाउस से यह सामान भेजा जा रहा हो, वहां खाद्य पैकेटों के पास जैविक कचरा और फर्श पर गंदगी दिखाई दे, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इससे यह सवाल भी सामने आता है कि इस पूरे सिस्टम की निगरानी आखिर कितनी सावधानी से की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग पिछले कुछ दिनों से लगातार कार्रवाई कर रहा है। होटल और रेस्टोरेंट पहले से ही जांच के दायरे में हैं। वहां एक्सपायर्ड सामान, सब्जियों पर फंगल ग्रोथ और वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों को ठीक से अलग न रखने जैसी कई समस्याएं सामने आ चुकी हैं। अब जांच का दायरा उन वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स तक भी पहुंच गया है, जो क्विक-कॉमर्स सिस्टम को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं रुकने वाली नहीं है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों तक पहुंचने वाला भोजन सुरक्षित और साफ-सुथरे तरीके से रखा और संभाला जाए।
अब यह देखना बाकी है कि इस विशेष वेयरहाउस को सील करने और मामला दर्ज करने की सिफारिश के बाद वास्तव में कितने स्थायी बदलाव होते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि अधिकारी इस मामले में नजरअंदाज करने के मूड में नहीं हैं। हर दिन इन ऐप्स पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए होसकोटे के इस वेयरहाउस की तस्वीरें एक अहम याद दिलाती हैं कि सुविधा की कीमत बुनियादी स्वच्छता नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल कहानी यही है—एक सील किया गया वेयरहाउस, नियमों के उल्लंघन की एक लंबी सूची और क्विक-कॉमर्स सेक्टर में बेहतर और साफ-सुथरी व्यवस्था लागू करने की कोशिश। यह ऐसा क्षेत्र है जो बेहद तेजी से बढ़ा है और कुछ जगहों पर निगरानी की रफ्तार उसके साथ कदम मिलाने में पीछे रह गई है।
स्रोत: NDTV, The Hindu BusinessLine, India Today, Moneycontrol, Times of India, LiveMint, Hindustan Times, News18, Free Press Journal, Times Now — 11–12 अगस्त 2026 की रिपोर्ट्स।
@रोहित मनराल