
टाइगर श्रॉफ अपने नियमित रविवार के फुटबॉल मैच के लिए पुष्पा नरसी पार्क पहुंचे थे। वह हर हफ्ते की तरह वहां फुटबॉल खेलने गए थे। जब वह अपनी कार के पास थे या वहां से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी बाइक सवार कुछ लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। राहत की बात यह रही कि टाइगर को सीधे गोली नहीं लगी। उनके ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लगी, जबकि पास में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। टाइगर सुरक्षित रहे और बाद में उन्हें वहां से सुरक्षित ले जाया गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उनके घर पहुंचे और उनका हालचाल जाना।
इसके बाद एक ऑडियो सामने आया, जो तेजी से चर्चा में आ गया। अनिल पंडित नाम के एक व्यक्ति, जिसके अमेरिका में होने और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने की बात कही जा रही है, ने एक वॉइस नोट जारी किया। उसने दावा किया कि इस घटना के पीछे वह और हरमन संधू हैं। उसने लगभग यह कहते हुए अपनी बात रखी, “हमने उसे समझाया था, लेकिन वह समझा नहीं।” इसके बाद उसने फिल्म इंडस्ट्री को धमकी देते हुए कहा कि जो भी लोग सलमान खान के साथ काम करते रहेंगे या उनकी बात नहीं मानेंगे, उन्हें मार दिया जाएगा। उसने इसे अपनी पहली और आखिरी चेतावनी बताया।
वह यहीं नहीं रुका। उसने सीधे सलमान खान को निशाना बनाते हुए कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई और बिश्नोई समुदाय से माफी मांगें, वरना उनके घर के कुत्तों तक को नहीं छोड़ा जाएगा। उसने उनके पूरे परिवार को भी धमकी दी। उसने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा उन्हें नहीं बचा पाएगी। इसी संदेश या इससे जुड़ी एक पोस्ट में दूसरे गिरोहों को भी चेतावनी दी गई कि वे बिश्नोई गिरोह का नाम लेकर इस घटना की जिम्मेदारी लेने की कोशिश न करें।
आखिर यह अनिल पंडित कौन है? खबरों के मुताबिक, वह हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। भारत में उसके खिलाफ कोई बड़ा आपराधिक मामला होने की जानकारी सामने नहीं आई थी। बताया जाता है कि 2024 के आसपास वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा और वहां बिश्नोई नेटवर्क के लिए काम करने लगा। कुछ महीने पहले दिल्ली में गुरु रंधावा के जिम के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। वहां भी सलमान खान से नजदीकी को लेकर धमकी दिए जाने की बात कही गई थी।
इस पूरे मामले के पीछे पुरानी रंजिश की कहानी भी है। 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर लॉरेंस बिश्नोई कई वर्षों से सलमान खान को धमकियां देता रहा है। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है और लॉरेंस बिश्नोई इसी वजह को सलमान खान को बार-बार धमकी देने का आधार बताता रहा है। 2024 में सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग हुई थी, बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई और अब टाइगर श्रॉफ को लेकर यह दावा सामने आया है। टाइगर और सलमान ने भले ही फिल्मों में साथ काम नहीं किया हो, लेकिन दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं। सलमान ने वर्षों पहले टाइगर को उनके करियर की शुरुआत में मदद भी की थी। इन लोगों के मुताबिक, यही नजदीकी टाइगर को निशाना बनाने की वजह है।
मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्धों की तस्वीरें सामने आई हैं। जिस बाइक का इस्तेमाल किया गया था, उसे अंधेरी स्टेशन के पास लावारिस हालत में बरामद किया गया। अधिकारियों को शक है कि हमलावर कुछ समय से टाइगर के रविवार के फुटबॉल खेलने के नियमित कार्यक्रम पर नजर रख रहे थे। मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त से बात कर उन्हें तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह घटना एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। धमकी देने वालों की ओर से संदेश साफ है—सलमान खान से दूरी बनाए रखो, वरना अगला निशाना तुम हो सकते हो। हालांकि, यह ऑडियो असली है या नहीं और क्या इन दोनों ने वास्तव में फायरिंग का आदेश दिया था, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस इन दावों को सावधानी से देख रही है। केवल एक वॉइस नोट से यह साबित नहीं होता कि गोलियां किसने चलाईं या फायरिंग का आदेश किसने दिया।
टाइगर ने अपने सुरक्षित होने की जानकारी के अलावा इस मामले पर कोई खास बयान नहीं दिया है। सलमान खान की ओर से भी ज्यादा कुछ नहीं कहा गया है। अब दोनों की सुरक्षा और कड़ी किए जाने की संभावना है। यह वही सिलसिला है जिसे हम कई बार देख चुके हैं—फायरिंग या धमकी, विदेश से सामने आने वाला ऑडियो, माफी मांगने की मांग और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई। दोनों घायल व्यक्ति ठीक हो रहे हैं। जांच जारी है। और फिल्म इंडस्ट्री के लोग एक बार फिर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
सोमवार सुबह तक मामले की यही स्थिति थी।
स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, एनडीटीवी, मनीकंट्रोल, न्यूज़18 और इकोनॉमिक टाइम्स (18–19 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट्स)।
@रोहित मनराल