
जब हवा में उड़ते विमान के अंदर ऐसा कुछ हो जाए, तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच जाती है। लेकिन इस पूरी घटना में जिस नाम को सबसे अहम माना जा रहा है, वह है कैप्टन स्मित मच्छर। वह भारतीय पायलट हैं, जिन्हें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में उनके ही को-पायलट ने चाकू मार दिया। इसके बावजूद उन्होंने इतनी गंभीर स्थिति में भी संघर्ष जारी रखा कि विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने का रास्ता बना।
स्मित मच्छर मूल रूप से गुजरात से हैं और उनका पालन-पोषण मुंबई के आसपास हुआ। वह कोई चर्चित या ग्लैमरस सेलिब्रिटी पायलट नहीं हैं। वह एक अनुभवी और शांत स्वभाव के पायलट हैं, जो कई वर्षों से Boeing 737 विमान उड़ा रहे हैं।
उन्होंने जून 2011 में SpiceJet के साथ अपने करियर की शुरुआत की और करीब 11 साल तक एयरलाइन के साथ काम किया। इस दौरान वह Senior Commander बने और 2020 के अंत में Line Training Captain की जिम्मेदारी संभाली। इसका मतलब था कि वह दूसरे पायलटों को ट्रेनिंग देने और उनकी क्षमता की जांच करने वाले वरिष्ठ पायलट थे।
SpiceJet छोड़ने तक उनके पास 9,500 से ज्यादा घंटे का उड़ान अनुभव था, जिसमें 6,400 से अधिक घंटे उन्होंने कमांडर के रूप में पूरे किए थे।
जून 2022 में वह flydubai में Direct-Entry Captain के तौर पर शामिल हुए। यह संयुक्त अरब अमीरात की लो-कॉस्ट एयरलाइन है। उनके LinkedIn प्रोफाइल और उन्हें जानने वाले लोगों के अनुसार, उनके पास Boeing 737 फैमिली के विमानों—737-800, 737 MAX 8 और 737 MAX 9—पर करीब 9,750 घंटे का अनुभव है।
स्मित मच्छर ने Welingkar Institute of Management से Business Administration की डिग्री भी हासिल की है। कागजों पर उनकी कहानी शायद बहुत साधारण नजर आती है, लेकिन इसके पीछे वर्षों का अनुभव और लगातार काम करने की क्षमता है।
30 सितंबर को उड़ान में क्या हुआ?
30 सितंबर को flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति अचानक बदल गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में मौजूद को-पायलट, जिसे ओमानी नागरिक बताया गया है, ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया और उन्हें चाकू मार दिया।
इजरायली अधिकारियों, जिनमें प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu भी शामिल हैं, ने कहा कि हमलावर ने इसके बाद विमान को क्रैश करने की कोशिश की।
फ्लाइट डेटा के मुताबिक विमान ने बेहद तेजी से ऊंचाई खोई। रिपोर्टों में बताया गया कि विमान ने 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14,000 फीट की ऊंचाई खो दी। आंकड़ों की गणना किस तरह की जाती है, उसके आधार पर यह संख्या कुछ अलग भी हो सकती है।
विमान में मौजूद यात्रियों ने अचानक तेज गिरावट महसूस की। इमरजेंसी कोड जारी किए गए और कुछ समय के लिए इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को भी सक्रिय किया।
घायल होने के बाद भी स्मित मच्छर ने संघर्ष जारी रखा
यहीं से कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष करना जारी रखा। विमान में मौजूद लोगों के मुताबिक उनके सिर और हाथों से खून बह रहा था।
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से बात करने वाले यात्रियों के अनुसार, स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल या अनलॉक कर दिया और उसके बाद वह खुद गिर पड़े।
एक यात्री ने इजरायली प्रधानमंत्री को बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुला हुआ था और स्मित मच्छर वहीं मौजूद थे। इससे यह माना गया कि उन्होंने गिरने से ठीक पहले दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की थी।
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद एक क्रू सदस्य और कुछ यात्रियों ने अंदर जाकर हमलावर को काबू कर लिया।
इसके अलावा विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य योग्य पायलट, जो उस समय यात्री के तौर पर मौजूद थे, उन्होंने भी विमान को स्थिर करने और सुरक्षित रूप से नीचे उतारने में मदद की।
विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया
विमान को डायवर्ट करके उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के Tabuk ले जाया गया। वहां विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया और किसी अन्य बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली।
कैप्टन स्मित मच्छर और को-पायलट दोनों को अस्पताल ले जाया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, स्मित मच्छर की हालत स्थिर थी।
विमान में मौजूद एक इजरायली Dentist और कुछ अन्य लोगों ने भी हवा में ही उन्हें प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, ताकि जमीन पर पहुंचने तक उनकी स्थिति संभली रहे।
Netanyahu और PM Modi ने की तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्मित मच्छर को सच्चा हीरो बताया। उन्होंने कहा कि चाकू से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी सार्वजनिक रूप से उनकी बहादुरी की सराहना की और इतनी मुश्किल परिस्थिति में उनके साहस को याद किया।
वहीं, SpiceJet में उनके साथ काम कर चुके लोग उन्हें एक अच्छे इंसान और मजबूत पायलट के रूप में याद करते हैं।
जांच अभी जारी है
इस पूरी घटना की जांच अभी जारी है। Saudi Arabia, Israel और UAE की एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर हमला क्यों हुआ और क्या वास्तव में विमान को जानबूझकर गिराने की कोशिश की गई थी।
flydubai ने भी घटना के कारण और संभावित मकसद को लेकर किसी तरह की अटकल लगाने से सावधानी बरती है।
हमले का मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
लेकिन एक बात साफ है—अगर स्मित मच्छर ने घायल होने के बावजूद संघर्ष नहीं किया होता और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब नहीं हुए होते, तो इस घटना का परिणाम काफी अलग हो सकता था।
हालांकि इस पूरी घटना में सिर्फ स्मित मच्छर की भूमिका नहीं थी। यात्रियों और क्रू सदस्यों ने भी हमलावर को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी नियंत्रण संभालने और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की।
लेकिन जिस कप्तान पर पहले ही हमला हो चुका था, जो खून से घायल था और फिर भी इतनी गंभीर स्थिति में दूसरों को विमान के कॉकपिट तक पहुंचने का मौका दे पाया—लोग सबसे ज्यादा उसी की भूमिका की बात कर रहे हैं।
30,000 से ज्यादा फीट की ऊंचाई पर, चाकू से हुए हमले और तेजी से नीचे जाते विमान के बीच, स्मित मच्छर ने अपनी तरफ से वह सब किया जो वह कर सकते थे।
यही हैं स्मित मच्छर—एक अनुभवी भारतीय पायलट, पूर्व SpiceJet Training Captain, flydubai Commander और वह कप्तान जिन्होंने खुद घायल होने के बावजूद एक संभावित हवाई त्रासदी को रोकने में अहम भूमिका निभाई।
Sources: India Today, The Jerusalem Post, Newsweek, NDTV, Ynet News, The Financial Express, News18, Indian Express, Israel National News और इजरायली एवं भारतीय अधिकारियों के बयानों पर आधारित रिपोर्ट्स।
@रोहित मनराल