एक नन्ही 7 साल की बच्ची, किसी की प्यारी बेटी, के साथ पास के एक वेयरहाउस के वॉचमैन ने रेप किया। ऐसी खबर सुनकर हम सबकी रूह कांप जाती है। रविवार दोपहर बच्ची घर के पास ही वॉशरूम जाने के लिए निकली थी। वो इसी वेयरहाउस के सामने से गुज़री जहां ये सिक्योरिटी गार्ड, ये वॉचमैन, ड्यूटी पर था। पुलिस के बयान के मुताबिक, उसने देखा कि बच्ची अकेली है, उसे ऊपर की मंज़िल पर ले गया, और वहां टॉयलेट के अंदर वो घिनौना काम किया। एक 7 साल की बच्ची के साथ। ये बर्बरता सुनकर यकीन ही नहीं होता।
बच्ची की मां को जब लगा कि वो बहुत देर से नहीं लौटी, तो उसने बेचैन होकर ढूंढना शुरू किया। शुक्र है कि आस-पास की दो महिलाओं को कुछ गड़बड़ लगी। वो अंदर गईं और बच्ची को डरी-सहमी और घायल हालत में पाया। वो उसे तुरंत जेजे अस्पताल ले गईं। डॉक्टरों का कहना है कि वो शारीरिक रूप से स्थिर है और ठीक हो रही है, लेकिन अंदर से इसका उस पर क्या असर पड़ा है, कौन जाने। उस परिवार का दर्द… मैं सोच भी नहीं सकता। वो इस वक्त गुस्से में भी होंगे, टूटे हुए भी, और उसके भविष्य को लेकर डरे हुए भी।

बात मोहल्ले में तेज़ी से फैली और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा – वाजिब भी था। भीड़ ने वॉचमैन को पकड़ा, उसकी जमकर पिटाई की, और खुद उसे पुलिस के हवाले किया। वो इंतज़ार करने के मूड में नहीं थे। इसके बाद सैकड़ों लोग पायधुनी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। सड़क जाम कर दी, नारेबाज़ी की, असली इंसाफ की मांग की, यहां तक कि आरोपी के लिए फांसी की सज़ा की मांग की। जब महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर वहां पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें भी घेर लिया और अपना गुस्सा निकाला। पुलिस को माहौल शांत करने और ट्रैफिक हटाने के लिए दखल देना पड़ा। हालात और न बिगड़ें, इसके लिए वहां अभी भी भारी सुरक्षा तैनात है।
ये सिर्फ एक बुरा दिन नहीं है। ये वो खबर है जो मुंबई के, बल्कि पूरे भारत के, हर माता-पिता को अपने बच्चों को और कसकर गले लगाने पर मजबूर कर देती है और सोचने पर कि क्या कहीं भी सुरक्षित नहीं है। हम इन्हीं वॉचमैनों पर भरोसा करते हैं कि वो हमारी इमारतों की, हमारे इलाकों की रक्षा करेंगे, और फिर ऐसा हो जाता है। ये एक ऐसा विश्वासघात लगता है जिसके लिए कोई शब्द नहीं।
पुलिस ने इस बार तेज़ी दिखाई। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी विजयकांत सागर ने कहा कि वो हर पहलू की जांच कर रहे हैं, सारे सबूत जुटा रहे हैं। केस पॉक्सो और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज है। जल्द ही उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। वादा है कि सख्त कार्रवाई होगी, बस दुआ है कि इस बार वाकई देर न हो।
विधायक रोहित पवार ने भी इस पर आवाज़ उठाई, इसे शर्मनाक बताया, खासकर हाल के पुणे केस के बाद। वो बच्चों से जुड़े मामलों में तेज़ ट्रायल की मांग कर रहे हैं और सख्त सज़ा के लिए शक्ति एक्ट लाने की बात कह रहे हैं। वो सही कह रहे हैं। हम ऐसी घटनाओं के बाद ही बातें नहीं कर सकते, बार-बार। सिस्टम को तेज़ और मज़बूत बनना होगा ताकि ऐसे दरिंदे किसी बच्चे की ज़िंदगी बर्बाद करने से पहले सौ बार सोचें।
पब्लिक जगहों पर ज़्यादा कैमरे? पड़ोसी सच में बच्चों पर नज़र रखें? माता-पिता अकेले सब कुछ नहीं संभाल सकते। इस नन्ही बच्ची को हक था कि वो बस दो मिनट के लिए बाहर निकले तो सुरक्षित महसूस करे। इसके बजाय, उसने जो झेला, वो नरक से कम नहीं था।
उन महिलाओं को सलाम जिन्होंने उसे ढूंढा। उन लोगों को सलाम जिन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया – आपका गुस्सा जायज़ है। उस बच्ची के परिवार से बस इतना ही – हमारे दिल आपके साथ टूट रहे हैं। हिम्मत रखो, बेटा। पूरा शहर तुम्हारे लिए दुआ कर रहा है।
सोर्स:
एनडीटीवी, इंडिया टीवी न्यूज़, टाइम्स ऑफ इंडिया की 13 जुलाई 2026 की रिपोर्ट्स और पुलिस के बयान
@रोहित मनराल